हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,हल्दौर ।उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में धार्मिक स्थल में हुई आगज़नी तथा धार्मिक ग्रंथो के हुए आनदर को लेकर शिया समुदाय में गहरा रोष व्याप्त है जिसे लेकर उत्तर प्रदेश के ज़िला बिजनौर के गांव छजुपुरा सादात स्थित जामा मस्जिद आबुतालिब में ज़ोहर की नमाज़ के बाद एक सभा का आयोजन कर रोष प्रकट करते हुए शरारती तत्वों के ख़िलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की मांग की गई।
रविवार को इमाम ए जुमआ मौलाना मेंहदी अब्बास ज़ैदी ने अपने सम्बोधन में कहा की उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में कर्बला नाम का एक पवित्र स्थान है,(करबला इमाम हुसैन अ.स.) जो हर इंसान को एकता की शिक्षा देता है।
मुसलमानों के अलावा गैर-मुस्लिम भी इस पवित्र स्थान के प्रति आस्था व श्रद्धा रखते हैं उसी आस्था के प्रतीक व पवित्र स्थल में कुछ शरारती तत्वों ने आग लगा दी तथा उसमे रखे धार्मिक ग्रंथो का भी अनादर किया ।
इस प्रकार के कृत्य आपसी भाईचारे को नष्ट कर रहे हैं। कुछ शरारती तत्व देश की खुशहाली को नष्ट करना चाहते हैं। यह भारत वह भूमि है जिसकी गोद में करबला जैसा पवित्र इबादत स्थल और हजारों लोगों की श्रद्धा का स्थान है। जिसकी गोद में गंगा और यमुना अपनी प्रेम भरी लहरों से बिना किसी धर्म और राष्ट्र के भेदभाव के देश को सींच रही हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए, सरकार और सत्तारूढ़ पार्टी से इन शरारती तत्वों के खिलाफ एकमत से सख्त कार्रवाई की मांग की जाती है ताकि देश में भाईचारा और आपसी प्रेम बना रहे।
इस अवसर पर आफ़ाक़ हुसैन, रईस हैदर, शाही वास्ती, क़ायम हुसैन, नायाब हैदर, ग़ुलाम पंजेतन,डॉक्टर कर्रार ज़ैदी, मौo रज़ा, मुन्तज़िर मैहदी, मौo अब्बास, रौशन अब्बास, राहत अब्बास, क्लबे हैदर, आलम ज़ैदी, आदिल ज़ैदी, अली अब्बास,मौo अली सहित सैकड़ो ग्रामीण मौजूद रहे
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